श्री सत्य प्रकाश तिवारी जैसे अधिकारी पर इस प्रकार के आरोप लगाना केवल विवाद और क्षेत्रीय वैमनस्य फैलाने का प्रयास प्रतीत होता है।
छत्र्तासगढ की शांति, सौहार्द और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए तथ्य आधारित संवाद आवश्यक है, न कि भावनाएं भड़काने वाली राजनीति।


