

रायगढ़:
कस्टम मिलिंग के नाम पर चल रहे गोलमाल और राशन के खेल का एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। खाद्य विभाग और स्थानीय पुलिस की नजरों में उस वक्त खलबली मच गई, जब अवैध रूप से चावल परिवहन कर रही एक ट्रक को पकड़ा गया।
मामले का खुलासा तब हुआ जब चालक से पूछताछ की गई और दस्तावेजों की जांच की गई। ट्रक में लोड चावल की कहानी और हाथों में थमाई गई पर्ची का आपस में कोई मेल ही नहीं था!
* पर्ची किसी और की, चावल कहीं और से!
ड्राइवर से हुई पूछताछ में सामने आया कि चावल की यह खेप औरदा (सई बाबा) से लोड की गई थी, जबकि मौके पर दिखाई गई कस्टम मिलिंग की पर्ची 'जय भवानी राइस मिल (बोंदा)' के नाम पर कटी हुई थी।
लोडिंग स्थल: औरदा
दस्तावेज / पर्ची: जय भवानी राइस मिल, बोंदा (मालिक: पारस अग्रवाल)
गाड़ी नम्बर: CG 13 AB 6300
💥 क्या है पूरा खेल?
शुरुआती जांच और चालक के बयान से साफ़ जाहिर होता है कि कस्टम मिलिंग के सरकारी चावल के नाम पर बड़े पैमाने पर हेराफेरी की जा रही है। किसी दूसरी जगह से चावल लोड करवाकर किसी और राइस मिल के नाम की पर्ची थमा देना, इस बात की ओर इशारा करता है कि राशन के चावल को ठिकाने लगाने या अवैध मिलिंग का धंधा धड़ल्ले से चल रहा है।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस पूरे सिंडीकेट पर क्या कड़ा एक्शन लेता है या फिर हर बार की तरह मामला कागजों में सिमट कर रह जाएगा!
