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रायगढ़। एनटीपीसी (NTPC) लारा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट, पुसौर (रायगढ़) से निकलने वाली जहरीली फ्लाई एश (Fly Ash) के अवैध निपटान मामले में अब तक की सबसे बड़ी साक्ष्य-आधारित पड़ताल सामने आई है। वर्ष 2026 में कोसमनारा और जोरापाली मोड़ के पास अवैध रूप से राख खाली करते पकड़ी गईं तीनों गाड़ियां (CG13 AR 6626, CG13 AR 9418, CG13 AR 6625) 'अमन ट्रांसपोर्टर' की थीं।
कार्रवाई का नाटक करते हुए NTPC ने तीनों वाहनों को तो ब्लैकलिस्ट (Blacklist) कर दिया, लेकिन बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि अमन ट्रांसपोर्टर को अब तक ब्लैकलिस्ट क्यों नहीं किया गया? क्या मुख्य ट्रांसपोर्टर को बचाने के लिए केवल गाड़ियों पर गाज गिराकर एनटीपीसी के अधिकारियों ने पल्ला झाड़ लिया है?
2-2 चेकिंग पोस्ट और फोटो-वीडियो की व्यवस्था: फिर कैसे हुआ फर्जीवाड़ा?
नियमों और एसओपी (SOP) के अनुसार, एनटीपीसी से गंतव्य (खाली करने के स्थान) तक के तय मार्ग में 2-2 चेकिंग पोस्ट स्थापित किए गए हैं। इन दोनों चेकिंग पोस्टों पर हर एश ट्रिपलर गाड़ी को रोका जाता है, जहाँ:
वाहन के आगे और पीछे का वीडियो शूट किया जाता है।
गेट पास, ड्राइवर और भरे हुए मटेरियल के साथ स्पष्ट फोटो खींची जाती है।
बड़ा सवाल: जब 2-2 चेकिंग पोस्ट मौजूद हैं और दोनों जगहों पर फोटो-वीडियो खींचे जा रहे थे, तो अमन ट्रांसपोर्टर की गाड़ियां गंतव्य तक पहुंचे बिना बीच रास्ते कोसमनारा में राख कैसे उड़ेल आईं?
क्या दोनों चेकिंग पोस्ट के कर्मचारियों की सीधी मिलीभगत थी? जो बिना गाड़ियां देखे फर्जी फोटो-वीडियो ओके कर रहे थे?
NTPC के जिम्मेदार नोडल अफसर क्या सो रहे थे? चेकिंग पोस्ट से आने वाले फोटो और वीडियो डेटा को क्रॉस-चेक करने और फाइनल बिल ओके करने वाले NTPC अधिकारी की कोई जिम्मेदारी नहीं बनती?
2025 का इतिहास दोहराया गया: 'आदमी बदले, सिंडिकेट वही!'
यह कोई पहली बार नहीं हुआ है। वर्ष 2025 में भी 6 वाहनों और 3 एजेंसियों पर कार्रवाई का दिखावा किया गया था। तब भी जनता को बेवकूफ बनाया गया और आज 2026 में भी वही छलावा दोहराया जा रहा है। गाड़ियां बदल जाती हैं, ड्राइवरों पर गाज गिर जाती है, लेकिन iWMMS पोर्टल को बायपास कर शहर को जहर परोसने वाला NTPC के अफसरों और अमन ट्रांसपोर्टर का सिंडिकेट बदस्तूर जारी रहता है।
पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी के गृह जिले में यह 'खुला दुस्साहस' किसके दम पर?
सब कुछ छत्तीसगढ़ के पर्यावरण मंत्री और रायगढ़ विधायक ओपी चौधरी के गृह जिले में धड़ल्ले से चल रहा है! आईडब्ल्यूएमएमएस (iWMMS) पोर्टल को बायपास कर फर्जी कागजों पर राख ठिकाने लगाई जा रही है और अधिकारी फोटो-वीडियो का फर्जी रिकॉर्ड बनाकर बिल पास कर रहे हैं।
जनता अब साफ समझ चुकी है कि इस धंधे के पीछे केवल दो ही वजहें हो सकती हैं:
या तो शासन-प्रशासन को रायगढ़ की हवा और जनता की जान की कोई परवाह नहीं है…
या फिर इस 'सफेदपोश' गैंग और अमन ट्रांसपोर्टर को किसी बहुत बड़े पावर सेंटर का सीधा अभय 'आशीर्वाद' प्राप्त है!
घोटाले का तकनीकी चक्रव्यूह: किसे क्या जवाब देना होगा?
कड़ी / प्रक्रिया/ दावा पड़ताल में सामने आई धांधलीजवाबदेही किसकी?
मुख्य ट्रांसपोर्टरअमन ट्रांसपोर्टर द्वारा सुरक्षित परिवहन का ठेकागाड़ियां अवैध डंपिंग करते पकड़ी गईं, गाड़ियां ब्लैकलिस्ट हुईं पर फर्म सुरक्षितअमन ट्रांसपोर्टर को ब्लैकलिस्ट व एफआईआर
मार्ग चेकिंग पोस्ट (2 पोस्ट)फोटो-वीडियो कैप्चरिंग और मार्ग सत्यापनचेकिंग पोस्ट से ओके रिपोर्ट जारी हुई, जबकि राख 5 किमी दूर ही खाली हो गईचेकिंग पोस्ट कर्मचारियों पर आपराधिक सांठगांठ
NTPC सत्यापन अधिकारीफोटो/वीडियो रिकॉर्ड जांचकर बिल क्लियर करनाबिना फोटो-वीडियो क्रॉस-चेक किए फर्जी बिलों को मंजूरी दी गईNTPC के संबंधित एश मैनेजमेंट अफसर पर विभागीय व पुलिस कार्रवाई
जनता की सीधी मांग: 'अमन ट्रांसपोर्टर' और NTPC अफसरों पर दर्ज हो FIR!
केवल गाड़ियों को ब्लैकलिस्ट करके जनता की आंखों में धूल झोंकना बंद करे एनटीपीसी प्रबंधन। मांग की जा रही है कि:
अमन ट्रांसपोर्टर की फर्म को तत्काल ब्लैकलिस्ट किया जाए और उसके समस्त टेंडर रद्द हों।
मार्ग के दोनों चेकिंग पोस्टों के सीसीटीवी/वीडियो फुटेज जब्त किए जाएं और मिलीभगत करने वाले कर्मचारियों पर मामला दर्ज हो।
फोटो-वीडियो वेरिफिकेशन करने वाले NTPC के जिम्मेदार अधिकारियों को सह-आरोपी बनाकर निष्पक्ष स्वतंत्र एजेंसी (CBI/ACB) से जांच कराई जाए।
