रायगढ़. भले ही भाजपा ने नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव में अभूतपूर्व प्रदर्शन किया और हर क्षेत्र में विजय पताका लहराने में सफल रही मगर ऐसी जीत के आखिर मायने ही क्या जब भाजपा अपने ही घर में हार गई…, जी हां यहां बात हो रही है भाजपा के जिला अध्यक्ष के गृह ग्राम घरघोड़ा नगर पंचायत में हुए चुनाव की जहां उपाध्यक्ष के चुनाव में भी बहुमत होने के बावजूद भाजपा हार गई और कांग्रेस ने बाजी मार ली.
घरघोड़ा में हुए नगर पंचायत उपाध्यक्ष चुनाव में ऐतिहासिक पलटवार देखने को मिली और बीजेपी को मुंह की खानी पड़ी। घरघोड़ा में अध्यक्ष चुनाव के बाद सभी ने अपनी रणनीति चालू कर दी थी, मगर जो परिणाम में देखने मिला इसमें कांग्रेस से अमित त्रिपाठी उपाध्यक्ष निर्वाचित हो गए, दरअसल, बीजेपी पूर्ण बहुमत में थी। भाजपा के 9 पार्षद, कांग्रेस के 4, निर्दलीय 2, वहीं अध्यक्ष के 1 वोट मिलाकर 16 वोट रहे। इसमें बहुमत के लिए 9 वोट की आवश्यकता थी, परंतु कांग्रेस के मार्गदर्शन में पूरा पासा पलट गया, फिर कांग्रेस ने अपने प्रत्याशी अमित त्रिपाठी के साथ बहुमत साबित करते हुए 9 वोट पाकर ऐतिहासिक जीत दर्ज कर दी। इस जीत में कांग्रेस से 4, निर्दलीय 2 और बीजेपी के 3 वोट अमित को मिले जिससे राजनीतिक पंडित हैरान हुए और कांग्रेस ने अपना परचम लहरा दिया. इससे पूर्व भी बीजेपी को अध्यक्ष सीट में हार का सामना करना पड़ा था। जबकि घरघोड़ा, रायगढ़ सांसद और जिला बीजेपी अध्यक्ष का गढ़ था। अमित त्रिपाठी ने एनएसयूआई छात्र राजनीति से निकलकर घरघोड़ा के एक कथित कद्दावर नेता को पार्षद चुनाव में हरवाकर अपना लोहा मनवाया। फिर बहुमत न होने के बावजूद भी उपाध्यक्ष पद पर कब्जा कर कांग्रेस की साख बचाई।
ऐसी जीत के आखिर मायने ही क्या जब अपने ही घर में हार गई भाजपा…
RELATED ARTICLES


