जामपाली में बेकाबू हाइवा का आतंक: SECL के सख्त पत्र को भी विपुल ट्रांसपोर्ट ने किया दरकिनार, कुदुमकेला में फिर गौवंश को कुचला


​जामपाली/कुदुमकेला:
जामपाली SECL क्षेत्र में कोयला परिवहन में जुटी विपुल ट्रांसपोर्ट कंपनी और उसके ड्राइवरों की गुंडागर्दी व लापरवाही थमने का नाम नहीं ले रही है। क्षेत्र में रफ्तार का यह खूनी खेल इस महीने 7वीं दुर्घटना का कारण बन चुका है। कुदुमकेला पंचायत भवन के पास विपुल ट्रांसपोर्ट के तेज रफ्तार हाइवा (क्रमांक CG 15 ED 3327) ने एक मासूम गाय के बछड़े को बुरी तरह कुचल दिया, जिससे मौके पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई।
​ज्यादा ट्रिप और कमाई का लालच बन रहा काल
घटना के बाद मौके पर पहुंचे राष्ट्रीय गौरक्षा वाहिनी के राष्ट्रीय महासचिव केदारनाथ साहू ने हाइवा को रोककर जब चालक से पूछताछ की, तो रोंगटे खड़े करने वाली सच्चाई सामने आई। कंपनी चालकों को "प्रति ट्रिप" (Per Trip) के हिसाब से भुगतान करती है। अधिक से अधिक ट्रिप लगाने और ज्यादा पैसे कमाने के चक्कर में चालक इंसानी आबादी और बेजुबानों की जान जोखिम में डालकर गाड़ियां दौड़ा रहे हैं।
​SECL के उपक्षेत्रीय प्रबंधक की चेतावनी बेअसर
गंभीर बात यह है कि कुछ ही दिनों पूर्व गौरक्षक केदारनाथ साहू द्वारा शिकायत दर्ज कराने के बाद SECL के उपक्षेत्रीय प्रबंधक (जामपाली उपक्षेत्र) ने 28 अगस्त 2026 को पत्र क्रमांक SECL/RGH/SAM/JOCM/2026/612 जारी किया था। इस आधिकारिक निर्देश में स्पष्ट कहा गया था कि:
​खदान, साइडिंग और ग्रामीण इलाकों में निर्धारित गति सीमा का कड़ाई से पालन हो।
​चालकों की काउंसलिंग कर लापरवाही पर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
​ग्राम पंचायत द्वारा लगाए गए बैरियर और सुरक्षा बिंदुओं पर चालक पूर्ण सहयोग करें।
​आखिर किसके शह पर विपुल ट्रांसपोर्ट की मनमानी?
प्रबंधन के इस लिखित निर्देश के बावजूद ठेकेदार और उसके ड्राइवरों की बेपरवाही से यह साफ जाहिर होता है कि विपुल ट्रांसपोर्ट को न तो प्रशासन का खौफ है और न ही कोल इंडिया के नियमों की परवाह। ग्रामीणों का आरोप है कि राजनीतिक संरक्षण और रसूखदार आकाओं की शह पर ही यह कंपनी अधिकारियों के आदेशों की धज्जियां उड़ा रही है। जब-जब ऐसी घटनाएं होती हैं, कागजी कार्रवाई का ढोंग रचा जाता है, लेकिन पर्दे के पीछे से मिलने वाली राजनैतिक शह के कारण ठेकेदार पर कोई आंच नहीं आती।
​सवाल: कानून और आश्वासन से ऊपर हैं धनकुबेर?
SECL प्रबंधन के इस लिखित पत्र और कड़ी चेतावनी के बावजूद विपुल ट्रांसपोर्ट के चालकों पर कोई असर नहीं पड़ा। प्रबंधन का आदेश सिर्फ कागजों तक सीमित रह गया है।
​अब स्थानीय ग्रामीणों और गौरक्षकों का गुस्सा फूट पड़ा है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर SECL के आदेश को ठेंगा दिखाने वाली विपुल ट्रांसपोर्ट पर कानूनी और कठोर दंडात्मक कार्रवाई कब होगी? क्या चंद रुपयों के मुनाफे और राजनैतिक प्रभाव के आगे बेजुबानों और आम नागरिकों की जान की कोई कीमत नहीं बची है?

समाचार एवं विज्ञापन के लिए संपर्क करें
सनत कुमार शुक्‍ला
मो. नं. 7722880057
ईमेल - sanatshukla105@gmail.com
कार्यालय पता - चक्रधरनगर कसेर पारा, रायगढ़

  • Top Search