
वर्तमान में यह संज्ञान में आया है कि कुछ साइबर अपराधियों द्वारा आम नागरिकों को भ्रमित करने के उद्देश्य से SMS, WhatsApp एवं अन्य सोशल मीडिया माध्यमों से फर्जी e-Challan के लिंक भेजे जा रहे हैं। ये लिंक देखने में सरकारी पोर्टल जैसे लगते हैं, परन्तु इनके माध्यम से नागरिकों के बैंकिंग विवरण, कार्ड जानकारी एवं OTP प्राप्त कर वित्तीय धोखाधड़ी की जा रही है।
▲ फर्जी लिंक की पहचानः ऐसे संदेश किसी अज्ञात मोबाइल नंबर या WhatsApp नंबर से प्राप्त होते हैं। वेबसाइट के URL में .gov.in के स्थान पर .xyz, .click, live, .top जैसे संदिग्ध डोमेन होते हैं। संदेश में “तुरंत भुगतान करें अन्यथा कानूनी कार्रवाई होगी” जैसी धमकी दी जाती है। लिंक खोलते ही सीधे बैंक कार्ड, UPI PIN या OTP की मांग की जाती है। कुछ मामलों में APK फाइल ऐप डाउनलोड करने को कहा जाता है जो मोबाइल में मैलवेयर इंस्टॉल कर सकता है।
सुरक्षित तरीका:- परिवहन विभाग स्पष्ट करता है कि वाहन चालान से संबंधित
भुगतान एवं जानकारी के लिए केवल echallan.parivahan.gov.in इस लिंक का ही उपयोग करें। छत्तीसगढ़ पुलिस/परिवहन विभाग की अधिकृत वेबसाइट एवं मोबाइल ऐप परिवहन विभाग कभी भी SMS/WhatsApp के माध्यम से भुगतान लिंक नहीं भेजता है।
नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण सावधानियाँः- किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न
करें। OTP, कार्ड नंबर, CVV, UPI PIN किसी भी व्यक्ति से साझा न करें। संदिग्ध संदेश प्राप्त होने पर उसे तुरंत डिलीट करें और नंबर को ब्लॉक करें। किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें अथवा www.cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं।
समस्त वाहन स्वामियों एवं नागरिकों से अपील करते है कि e-Challan से संबंधित किसी भी सूचना को केवल आधिकारिक स्रोतों से ही सत्यापित करें। फर्जी लिंक एवं अफवाहों पर विश्वास न करें तथा अपने परिवार एवं परिचितों को भी इस संबंध में जागरूक करें।
सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।


